मेरी जुबानी : मेरी आत्माभिव्यक्ति
मेरी कविताओं ,कहानियों और भावों का संसार.
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शुक्रवार, 2 मार्च 2018
फाग कहीं यो बीत न जाए!
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मैं बिरहन हूँ प्रेम की प्यासी न रँग, न कोई रास है! बदन संदली सूल सम लागे कैसा ये एहसास है! तुम जब से परदेस गए प्रिय ये मन बड़...
मंगलवार, 22 मार्च 2016
होली
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रंगों का त्योहार है होली, खुशियाँ लेकर आता है। हर एक घर ,हर गली, मोहल्ला, रंगों से भर जाता है। मस्ती में सब झूमते रहते, भंग का र...
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